Monday, 21 November 2016

भीषण ट्रेन हादसे में 131 लोगों की मौत, उच्चस्तरीय जांच के आदेश

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कानपुर में रविवार सुबह इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पुखरायां के पास पटरी से उतर गए। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 131 हो गई है जबकि 200 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। हादसे के बाद से अब भी कई लोग लापता हैं। ट्रेन में सवार यात्री हादसे की वजह रेलवे की लापरवाही बता रहे हैं तो रेलवे हादसे का कारण पटरियों में दरार बता रहा है। 

 

बहरहाल, रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मामले की जांच के आदेश दे दिए है और कहा कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर रेलवे का कहना है कि घटना स्थल पर सभी बोगियों को खाली करा लिया गया है। अब वहां कोई नहीं बचा है। हालांकि एहतियातन पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। 

 

कानपुर में ट्रेन हादसे की त्रासदी ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। रविवार सुबह से ही पीड़ितों को बचाने और उनके परिजनों को जानकारी पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर किया गया, लेकिन अभी भी कई ऐसे लोग हैं जिनके अपनों का पता नहीं चल पाया है। हादसे के बाद से गायब लोगों को खोजने का काम लगातार चल रहा है। 

 

सेना ने भी रातभर घटना स्थल पर राहत और बचाव काम किया, लेकिन इन सबके बीच कई सवालों के जवाब भी मांगे जा रहे हैं कि आखिर कौन है भयानक ट्रेन हादसे का जिम्मेदार? किसकी वजह से गईं 131 से ज्यादा जानें? किसकी वजह से 200 से ज्यादा लोग हुए घायल? हादसा हुआ तो कोई न कोई जिम्मेदार भी होगा लेकिन अभी तक हादसे का जिम्मेदार सामने नहीं आया है। मौके पर पहुंचे रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जरूर भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

 

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा, यह बडा हादसा है। हमने जानकारी मिलते ही रिसोर्स मूव किए। राहत कार्य चल रहा है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ट्रेन में सवार कुछ यात्री हादसे के लिए रेलवे की लापरवाही को जिम्मेदार मानते हैं। इसी ट्रेन से झांसी से उरई तक सफर करने वाले सुनील कुमार का कहना है कि मोठ के पास ट्रेन से तीन मवेशी टकराए थे, जिससे ट्रेन की हॉज पाइप टूट गई थी जिसके बाद मरम्मत करने के लिए 15 मिनट तक ट्रेन रोकी भी गई। 

 

कानपुर रेल हादसे के बाद प्रधानमंत्री और रेलवे के अलावा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवज की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों के रेलवे से 3.5 लाख रुपये और प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये मिलेगा। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार 5 लाख रुपये और मध्यप्रदेश सरकार 2 लाख रुपये का मुआवजा देगी। गंभीर रुप से घायलों के लिए रेलवे, प्रधानमंत्री राहत कोष के अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से 50-50 हजार रुपये मिलेंगे। 

 

रेल टिकट इंश्योरेंस शुरू होने के बाद ये पहला बड़ा रेल हादसा है। ई-टिकट बुक कराने वालों के लिए आईआरसीटीटी ट्रैवल इंश्योरेंस की सुविधा देती है और इसके लिए ग्राहकों को 92 पैसे प्रति पैसेंजर प्रीमियम देना पड़ता है। बुकिंग के वक्त इंश्योरेंस का विकल्प चुनने वालों को ही ये राशि मिलेगी।

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